दक्षिण अफ्रीका में हुई स्टडी के लेखक टूलियो डि ओलिवीरा (Tulio de Oliveira) ने कहा कि यदि ऐसे और मामले मिलते हैं तो इससे यह पता चल सकेगा कि HIV इंफेक्शन नए वैरिएंट का सोर्स हो सकता है. उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों में वायरस लंबे वक्त तक रहता है, जिससे उसे म्यूटेशन का मौका मिलता है.
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